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केन्द्रीय विद्यालय के 240 प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस

खबरों के अनुसार यह नोटिस पास प्रतिशत में गिरावट के कारण भेजा गया है।

इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर प्रकाशित एक खबर के मुताबिक, “केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने इस साल 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन पर 240 विद्यालयों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस भेजा है।” ऐसा पहली बार हुआ है जब इतने बड़े पैमाने पर लोगों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।

पूरे देश में 1,135 केन्द्रीय विद्यालय हैं। यह केंद्र सरकार में काम करने वाले उन कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है जिनका जॉब के सिलसिले में स्थानांतरण होता रहता है। इनमें से 875 केन्द्रीय विद्यालय 12वीं क्लास तक हैं।

‘पहली से देंगे ध्यान’

उपरोक्त आंकड़ों का अर्थ है कि 875 में से तकरीबन 27 फीसदी प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। इसकी वजह 2015 की तुलना में 12वीं के पास प्रतिशत में होने वाली गिरावट है। इन 240 स्कूलों के पास प्रतिशत में 1 से 42 फीसदी तक की गिरावट हुई है।

अन्य उच्च अधिकारियों को भी इसी तरह का कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन प्राचार्यों की तरफ से मिलने वाले जवाब का अध्ययन कर रहा है। अगर जवाब संतोषप्रद नहीं पाया जाता है तो संबंधित प्राचार्य का स्थानांतरण हो सकता है।

इस क़दम के बारे में केवीएस से जुड़े एक व्यक्ति ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हम चाहते हैं कि हमारा फोकस ‘लर्निंग आउटकम’ हो। 12वीं के परिणाम इसको मापने का कई तरीकों में से एक तरीका है। हमारे प्रयास केवल बोर्ड परीक्षाओं के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेंगे। केवीएस की तरफ से कई ऐसे क़दम उठाए जाएंगे ताकि हम पहली क्लास से ही प्राचार्यों और शिक्षकों को बच्चों के शैक्षिक प्रदर्शन के प्रति जिम्मेदार बना सकें।”

आखिर में एक ग़ौर करने वाली बात कि केन्द्रीय विद्यालयों में इस साल 12वीं के सीबीएसई नतीजों का प्रतिशत 95.46 प्रतिशत था।

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