Trending

दिल्लीः अधिग्रहण से बचने को 150 से ज्यादा निजी स्कूल पैरेंट्स को बढ़ी हुई फीस लौटा रहे हैं

delhi-school-2

दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

दिल्ली सरकार द्वारा 449 निजी स्कूलों के अधिग्रहण (टेक ओवर) का मुद्दा पिछले सप्ताह शिक्षा के क्षेत्र में सुर्ख़ियों में था। इसी मुद्दे पर द वायर हिंदी ने फेसबुक लाइव किया था, जिसमें शिक्षा मामलों में सरकार की सलाहकार आतिशी मार्लेना से सृष्टि श्रीवास्तव ने विस्तार से बात की।

इस लाइव में आतिशी मार्लेना ने साफ़ किया, “यह केवल निजी स्कूलों के मैनेजमेंट का टेक-ओवर है। स्कूल पहले जैसा ही चलता रहेगा। यह स्थायी चीज़ नहीं है। एक साल में चीज़ें बेहतर हो जाती हैं। तो इसे आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”

कैसे होगा अधिग्रहण?

उन्होंने आगे कहा, “मान्यता रद्द करने से मोटे तौर पर स्कूल आमतौर पर बंद हो जाता है। इससे वहां पढ़ने वाले 2-3 हज़ार बच्चे सड़क पर आ जाएंगे। क्योंकि बग़ैर किसी मान्यता के कोई स्कूल चल ही नहीं सकता है। कोई वहां पर अपने बच्चे का एडमीशन नहीं कराएगा। स्कूल का टेकओवर होने पर बच्चों को पता भी नहीं चलेगा। क्योंकि स्कूल के शिक्षक वही रहेंगे। प्रिंसिपल वही रहेंगे। जो सारा एकेडमिक है स्कूल का वो वैसे का वैसा रहेगा। केवल मैनेजमेंट सरकार का होगा। शुरू में फीस भी वही रहेगी, जो वर्तमान में है। उसमें भी कोई बदलाव नहीं होगा।”

150 स्कूलों ने की बढ़ी हुई फीस लौटाने की शुरूआत

note

दिल्ली के निजी स्कूल हर साल विभिन्न कारणों का हवाला देकर फीस में बढ़ोत्तरी कर देते हैं। इसके कारण अभिभावकों को काफी परेशानी होती है। वर्तमान सरकार ऐसी मनमानी फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ काफी सख़्त है।

26 अगस्त को आतिशी ने अपने फेसबुक पेज़ पर लिखा, “150 स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस अभिभावकों को लौटाने की शुरूआत कर दी है। किस अभिभावक ने इस बात की कल्पना की होगी? यह ईमानदार सरकार के प्रयास के कारण ही संभव हो सका है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, “इसके लिए विभिन्न स्कूलों ने अभिभावकों को अपनी बैंक डिटेल साझा करने के लिए बुलाया है। वहीं 70 स्कूलों ने हाई कोर्ट के पास बढ़ी हुई फीस के पैसे जमा कराएं हैं।”

आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने यह फ़ैसला अभिभावकों को फीस बढ़ोत्तरी के कारण होने वाली परेशानी से बचाने के लिए किया है। ताकि स्कूलों में फीस के नाम पर जो पैसा लिया जा रहा है, उसे बच्चों व उनके लिए सुविधाओं की व्यवस्था पर खर्च किया जाये।

दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने के लिए न्यायमूर्ति अनिल देव सिंह कमेटी का गठन किया गया था। इसके अनुसार फीस बढ़ोत्तरी के लिए निजी स्कूलों को दिल्ली के शिक्षा निदेशालय से अनुमति के लिए आवेदन करके मंजूरी लेनी होती है। बढ़ी हुई वापस करने के लिए निजी स्कूलों को समय दिया गया था, लेकिन 449 निजी स्कूलों ने फीस लौटाने वाले आदेश का पालन नहीं किया था। मात्र 17 स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस वापस करने के आदेश पर अमल किया था।

‘हम चाहते हैं कि निजी स्कूल बढ़ी हुई फीस वापस कर दें’

दिल्ली सरकार की शिक्षा सलाहकार आतिशी कहती हैं, “समस्या ये नहीं है कि स्कूल फीस नहीं ले सकते हैं। आप फीस लीजिए, मगर उस फीस को बच्चों पर खर्च करिए। स्कूल जितनी चाहे, उतनी फीस रखे, लेकिन उसे बच्चों के ऊपर खर्चा करे। बच्चों की सुविधाओं पर खर्च किया जाये। हम चाहते हैं कि स्कूल फीस वापस कर दें। ताकि टेक-ओवर करने की नौबत न आए।”

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest

0 Comments
Newest
Oldest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x