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जानिए 10 बातें जो हमें लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं

  1. एक इंसान के रूप में हमारा अस्तित्व मायने रखता है, जो हमें प्रकृति के सह-अस्तित्व में अपनी सार्थकता खोजने और जीवन को ख़ुशी के साथ जीने के लिए प्रेरित करता है।
  2. हमारा जीवन छोटे-छोटे सपनों से मिलकर बना है, अगर हम कुछ सपनों के पौधों को पानी और खाद देकर बड़ा कर सकते हैं तो हमें ऐसी कोशिश को सफल बनाने का प्रयास जरूर करना चाहिए।
  3. अधूरे सपनों में हमें गतिमान बनाये रखने की शक्ति होती है, वे अगले दिन हमें फिर से जुट जाने को प्रोत्साहित करते हैं।
  4. जीवन को सृजनशील बनाये रखने की संभावनाएं खोजने की जिज्ञासा भी हमें प्रेरित करती है।
  5. बच्चों की ख़ुशी और शिक्षकों की सफलता भी हमें प्रेरित करती है। जैसे जब किसी बच्चे ने कहा कि आप बाकी बच्चों के दोस्त बन गये हैं, तो लगा कि एक कांसेप्ट को थोड़ा सा समझने और जीने में मदद मिली। जब किसी शिक्षक साथी ने कहा कि आपकी लिखी पोस्ट से हमें महसूस हुआ है कि सरकारी शिक्षकों के बारे में कोई तटस्थ भाव से सोच रहा है और तारीफ में कंजूसी पर सवाल खड़ा कर रहा है, ऐसे लम्हे में लगा कि रातों की नींद का उड़ना भी अर्थ पा रहा है।
  6. जब कोई सपना सच होता है तो सच में ख़ुशी होती है। जब साझे प्रयासों से कोई सपना सच होता है तो और ज्यादा ख़ुशी होती है। एजुकेशन मिरर का सपना भी एक साझा सपना है, यह विचार किसी दोस्त ने दिया, इसको आगे ले जाने का काम किसी अन्य दोस्त ने किया, इसके लिए प्रोत्साहित करने और योगदान करने का काम दोस्तों की एक पूरी टीम ने मिलकर किया। जो इसकी सफलता को अपनी सफलता मानते हैं और इसकी बढ़ती उपयोगिता में अपनी हिस्सेदारी से ख़ुश महसूस करते हैं।
  7. किसी जमाने में डायरी लिखना पसंद था, फिर ब्लॉगिंग पसंद आई, फिर लगा कि कुछ व्यवस्थित करना चाहिए। लिखने से प्यार है। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरी आए और अच्छे बदलाव के प्रति प्रतिबद्धता है। इसलिए दोनों को आपस में मिलाकर आगे ले जाने की राह खोजने की जरूरत महसूस हुई। अपनी खूबियों और क्षमताओं को अपने लक्ष्य से जोड़ना हमें सफलता की तरफ ले जाता है।
  8. नये सवालों से जूझने के लिए तैयार रहना और पुराने सवालों से परे जाकर चीज़ों को देखने-समझने का प्रयास हमें वैचारिक ठहराव से बाहर निकालने में मददगार साबित होता है। इसलिए सदैव कोशिश करनी चाहिए कि जब राह न मिले तो दोस्तों से मदद लें। एक-दूसरे का सहयोग करें। किसी के सवाल और किसी के जवाब आपस में मिलकर एक रचनात्मक संवाद की भूमिका रचते हैं। ऐसे यादगार लम्हों को समेटने की कोशिश करें।
  9. अपने विचारों को क्रिया में बदलने की आदत, एक बहुत बड़ी चीज़ है। हममें से हर किसी के मन में बहुत से विचार आते हैं। मगर कुछ ही विचारों को जीवन के अनुकूल अवसर यानि समय, प्रोत्साहन, प्रयास और कार्य योजना की प्राथमिकता में शामिल होने का अवसर मिलता है। ऐसे ही विचार लंबे समय में अपनी अलग पहचान कायम कर पाते हैं, इसलिए जरूरी है कि अपने सवालों के साथ खुद से संवाद करें। उसके जवाब के लिए इंतज़ार करें। जब जवाब मिले तो उसे कर्म में तब्दील करने की तत्परता भी दिखाएं ताकि उसे किसी तार्किक परिणति तक पहुंचाया जा सके।
  10. आख़िर में एक बात कि हर किसी को प्रेरित और प्रोत्साहित करने वाले कारक अलग-अलग होते हैं। जरूरी नहीं है कि एक प्रेरित व्यक्ति सदैव प्रेरित ही रहे। उसके जीवन में उतार-चढ़ाव वाले लम्हे आते हैं। मेरे जीवन के बारे में यही बात सच है। मैं कोई अपवाद नहीं हूँ। मगर सबसे काम की जो बात है, वह है अपने आसपास के अच्छे लोगों को उनके शानदार प्रयासों के लिए खुले दिल से प्रोत्साहित करें, सकारात्मक और प्रेरित करने वाले विचारों की ऊर्जा देते रहें।
  11. ध्यान रहे कि हम जो देते हैं, वह उतनी ही ताक़त से हमारी तरफ लौटता है। इसलिए इस ऊर्जा को सावधानी के साथ इस्तेमाल करें। नकारात्मक और हतोत्साहित करने वाली बातों की बहुत ज्यादा परवाह न करें, क्योंकि हम जिनकी परवाह करते हैं जिनको समय देते हैं, वही हमारे काम आते हैं। ऐसे विचार और ऐसे लोग हमारे किसी काम नहीं आते, सिर्फ हमारा समय खाते हैं और हमको हतोत्साहित करते हैं। इसलिए ऐसे लोगों के साथ संवाद करें, पर उनके विचारों को अपने विचारों पर कभी भी हावी न होने दें। क्योंकि एक व्यक्ति के रूप में अपना एक किरदार है, जिसकी अपनी ख़ासियत और अहमियत है, उसकी खूबी को बनाये रखने की जिम्मेदारी भी आपकी भी है। इसलिए खुद के साथ हमेशा खड़े रहें, मुश्किल दौर में भी और अच्छे वक़्त में भी। आपका ख़ुद में भरोसा है, तो मुश्किल राहें भी आपके धैर्य की परीक्षा लेने के बाद आसान बन जाती हैं।
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