शिक्षा विमर्शः ‘जो बात क्लासरूम तक पहुंच जाए, वही सफल है’ किसी विचार को क्लासरूम तक ले जाना शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती है। वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर | 7 अप्रैल 2017
बेहतर संवाद के लिए जरूरी है ‘भयमुक्त माहौल’ भयमुक्त माहौल में होने वाला संवाद शिक्षक के लिए कितना जरूरी है? बता रहे हैं जितेंद्र महला। इस पोस्ट में पढ़िए उनके अनुभव। 28 फ़रवरी 2016
लायब्रेरी में पहली क्लास के बच्चे क्या करेंगे ? अगर आप भी ऐसे सवालों से दो-चार होते हैं तो पढ़िए यह पोस्ट। 19 फ़रवरी 2016
कागजी काम के बोझ तले दबते स्कूलों की कहानी स्कूलों में रचनात्मक शिक्षण की आधारभूत मान्यताओं का माखौल उड़ाया जा रहा है। 27 जनवरी 2016
Finland: Pre-primary education is compulsory from August 2015 Compulsory basic education begins at the age of 7 and pre-primary education is one year earlier. In pre-primary education the emphasis is on preparation for school. 30 मार्च 2015
कैसी होनी चाहिए भाषा की कक्षा? किसी भी स्कूल में भाषा की कक्षा ऐसी होनी चाहिए जहाँ भाषा अपनी संपूर्णता और सहजता के साथ मौजूद हो। 4 फ़रवरी 2015
स्कूल और बच्चेः कैसा रहा साल 2014? साल 2014 से समूची दुनिया का सबक यही होगा कि बच्चों के ख़िलाफ़ होने वाली बर्बर हिंसा को रोकें और स्कूल को निशाना बनाने के मंसूबों… 30 दिसंबर 2014
‘बच्चों को ऐसी घुट्टी पिलानी चाहिए कि…. आकाशवाड़ी पर दो कार्यक्रम सुनने का मौका मिला एक का विषय था 'महिलाओं के ख़िलाफ हिंसा' और दूसरा 'साइबर क्राइम की तरफ़ युवाओं के बढ़ते आकर्षण… 15 दिसंबर 2014
स्कूल लायब्रेरीः किताबों से बच्चों का काबिल-ए-तारीफ प्यार स्कूल लायब्रेरी से मनपसंद किताबें छाँटते बच्चों की ख़ुशी देखने लायक थी, जो थोड़ी देर पहले नाराजगी के कह रहे थे कि हम बची-खुची किताबें क्यों… 24 नवंबर 2012