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गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

नाच उपन्यास की समीक्षा

लायब्रेरी

पुस्तक चर्चा: नाच पढ़ते हुए लगा, “यह तो मेरी ही कहानी है”

राकेश पेगू की नज़र से 'नाच' उपन्यास की संवेदनशील समीक्षा। जानिए क्यों नवनीत नीरव का यह उपन्यास आत्मस्वीकार, सपनों और अभिव्यक्ति की आज़ादी की एक यादगार कहानी है।

वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर