रविकांतः नोट्स बनवाने से जुड़ी तंगनजरी पर एक नजर रविकांत लिखते हैं, "सुना है, बच्चों के भूत, वर्तमान, व भविष्य का खून पी पी कर इम्तिहानी भूतों की ताकत काफी बढ़ चुकी है।" [...]
परीक्षाओं से डर तो लगता है? आमतौर पर इस सवाल का जवाब होगा कि बच्चे डरते हैं। कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र डरते हैं। मगर इस लिस्ट में और भी नाम है। [...]
ऐसी परीक्षा, जिसमें कोई बच्चा फेल नहीं होगा राजस्थान में आठवीं क्लास के बच्चे बोर्ड की परीक्षाएं दे रहे हैं। [...]
पहली क्लास में भी ‘बोर्ड परीक्षा’ होनी चाहिए!! अगर पहली क्लास में 'बोर्ड परीक्षा' होती तो क्या होता? पढ़िए इस पोस्ट में। [...]
शिक्षा विमर्शः ये परीक्षा है या ‘घनचक्कर की पहेली’! परीक्षा..परीक्षा..परीक्षा..। आख़िर क्यों परीक्षा एक आतंकित करने वाली प्रक्रिया बनकर रह गई है। [...]
शिक्षा विमर्शः मूल्यांकन के ‘जाल’ में उलझी पढ़ाई आज स्कूलों में 'बच्चे' की जगह 'मूल्यांकन' केंद्र में है। आख़िर क्यों? [...]
परीक्षा के नाम से इतनी टेंशन क्यों होती है? काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एक छात्र ने मनोविज्ञान के प्रोफ़ेसर से पूछा कि इंसान कायर क्यों होता है, तो जवाब मिला "क्योंकि उसे अपने मूल्यांकन का डर होता है।" क्या परीक्षाओं का डर भी कुछ ऐसा ही होता है। पढ़िए इस पोस्ट में। [...]
स्कूल और कॉलेजः परीक्षाओं का डर आख़िर कब तक? आख़िर कब तक हमारे स्कूल, क़ॉलेज और विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं का डर कायम रहेगा? यह सवाल 21वीं सदी में और ज़्यादा प्रासंगिक हो गया है। [...]