एक सवालः “जो बच्चे स्कूल आ रहे हैं, वे सीख रहे हैं क्या?”
बच्चों के रोज़ाना स्कूल आने पर काफ़ी ध्यान दिया जाता है। मगर सबसे अहम सवाल है कि क्या स्कूल आने वाले बच्चे सीखते भी हैं?
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बच्चों के रोज़ाना स्कूल आने पर काफ़ी ध्यान दिया जाता है। मगर सबसे अहम सवाल है कि क्या स्कूल आने वाले बच्चे सीखते भी हैं?
बहुत से स्कूलों में बच्चों को अपनी मातृभाषा का इस्तेमाल करने से रोका जाता है।
किसी भी स्कूल में भाषा की कक्षा ऐसी होनी चाहिए जहाँ भाषा अपनी संपूर्णता और सहजता के साथ मौजूद हो।
भारत में अभी संस्कृत बनाम जर्मन भाषा के सवाल पर 'त्रिभाषा फॉर्मूले' पर चर्चा गरम है.
शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता के बीच सीधा रिश्ता है. शिक्षा के क्षेत्र में तमाम बड़े सवाल अपने उत्तरों की खोज में बेचैन है.
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