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रविवार, 18 अक्टूबर 2026

शिक्षा दर्शन

लायब्रेरी

व्यक्ति की गतिशीलता का दमन न करें संस्थाएं- बर्गसाँ

आधुनिक दर्शन के इतिहास में हेनरी बर्गसाँ (1859-1941) का महत्व इस बात में है कि वे विश्व को सतत विकासमान प्रक्रिया के रूप में देखते हैं।…

शिक्षा दर्शन

रवींद्रनाथ टैगोरः ‘प्रकृति और सामाजिक संदर्भ से दूर न हो शिक्षा’

रवींद्रनाथ टैगोर भारत के पहले दार्शनिक थे जिन्होंने बच्चों का सवाल उठाया और शिक्षा में व्यापक सुधार का सुझाव दिया। उन्होंने इस सच्चाई पर अफसोस जताया…

शिक्षा दर्शन

शिक्षा दर्शनः आज भी प्रासंगिक हैं रूसो

18वीं शताब्दी के महान दार्शनिक ज्यां जाक रूसो शिक्षा में उपदेश की परंपरा के पूर्णतः ख़िलाफ़ थे. उनका बच्चों की अच्छाई में गहरा विश्वास थी. 21वीं…