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आठवीं की बोर्ड परीक्षा में अधिक अंक पाने के लिए क्या करें?

शिक्षण प्रक्रिया पर कुछ विचार...पहली जुलाई को एजुकेशन मिरर के लिए पहला सवाल आता है कि आठवीं की बोर्ड परीक्षा में अधिक नंबर पाने के लिए क्या करें? यह सवाल बताता है कि परीक्षाओं को लेकर जो डर दसवीं और बारहवीं में होता है। कमोवेश वैसा ही माहौल आठवीं के स्तर पर बन रहा है।

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी आठवीं तक फेल न करने की नीति (नो डिटेंशन पॉलिसी) पर फिर से विचार करने करने की बात हो रही है ताकि शिक्षा के अधिकार कानून में संसोधन करके आठवीं और पाँचवीं कक्षा में बोर्ड परीक्षा को फिर से लागू किया जा सके। इस नीति को राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से लागू करने के लिए स्वतंत्र हैं।

आठवीं और पांचवी में शुरू होगी बोर्ड परीक्षा

राजस्थान में पिछले सत्र से ही बोर्ड की परीक्षाओं के आयोजन की घोषणा हो गई थी। हालांकि बोर्ड परीक्षा के बावजूद किसी छात्र को फेल न करने की बात कही गई थी। इसे प्रारंभिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र कहा गया था। इसके साथ ही छात्रों को नंबर न देकर ग्रेड देने की बात कही गई थी। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जो आठवीं की बोर्ड परीक्षा में ए प्लस ग्रेड हासिल करेंगे, उनको लैपटॉप देने की भी बात कही थी

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साइकिल से स्कूल जाती लड़किया।

मगर यह वादा अभी भी वादा है। दो बैच बोर्ड परीक्षा पास करके निकल चुके हैं। बच्चों के मन में इन परीक्षाओं को लेकर डर तो है, इस बात से इनकार नहीं है। मगर इसके कारण पढ़ाई पर ध्यान देने का सिलसिला भी शुरू हुआ है जो एक अप्रत्यक्ष फ़ायदा कहा जा सकता है। शिक्षक भी आठवीं में बोर्ड परीक्षा की बात कहकर बच्चों को ज्यादा मेहनत करने और क्लासरूम में होने वाली पढाई के ऊपर ध्यान देने के लिए कह रहे हैं।

क्या है बच्चों का नज़रिया?

बोर्ड परीक्षा को लेकर बच्चों का नज़रिया काफी अलग है। उनकी परवाह इस बात को लेकर है कि अगर बोर्ड परीक्षा में फेल हो गए तो घर वाले क्या कहेंगे? यानि जिस डर का सामना छात्र-छात्राएं दसवीं की परीक्षा के दौरान  किया करते थे। अब वह काफी पहले ही उनके सामने आ जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि शुरूआती आठ सालों में बच्चों के ऊपर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है ताकि जब वे नौवीं कक्षा में आएं तो उनकी तैयारी ज्यादा अच्छी हो। इससे नौवीं कक्षा में फेल होने वाले छात्रों का प्रतिशत कम होगा और बच्चे आत्मविश्वास और अच्छी तैयारी के साथ दसवीं में जा सकेंगे।

आठवीं की बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर कैसे लाएं?

अगर परीक्षा में ज्यादा नंबर लाना चाहते हैं तो नियमित पढ़ाई करें और नोट्स बनाएं। अच्छे से दोहरान करें। खूब मन लगाकर पढ़ें, सिर्फ़ कोर्स की किताबें ही नहीं, कहानी की किताबें भी। ऐसा करना पढ़ने की आदत का विकास करेगा। साथ ही साथ कहानी की किताबों को पढ़ना उनको यह अहसास दिलाएगा कि पढ़ना एक रोचक काम है, जिसमें आनंद आता है। 

 

पठन कौशल का विका, पढ़ना है समझना, समझकर पढ़ने के लिए जरूरी है धाराप्रवाह पठन, अटक-अटक कर पड़ना, पढ़ने में तुक्के लगानापठन कौशल का विकास बेहद जरूरी है ताकि बच्चों की पासबुक के ऊपर निर्भरता कम हो और बच्चे किताबों से पढ़ने की तरफ ज्यादा ध्यान दें। शिक्षक साथियों को चाहिए कि वे क्लासरूम में पढ़ाने के दौरान सवालों के मौलिक जवाब लिखने के लिए प्रेरित करें और सवालों के जवाब तक पहुंचने की प्रक्रिया में सोचना जरूरी है, इस बात की तरफ छात्रों का ध्यान दिलाएं। पढ़ने की रोचकता बनी रहे इसलिए बिंदुवार ढंग से अपनी बात कहने की कोशिश करते हैं

  1. हर विषय की किताबों को पढ़ें और क्लासरूम में कोई टॉपिक समझ में न आए तो शिक्षकों से सवाल पूछें।
  2. कुछ किताबें आप ख़ुद से पढ़ सकते हैं जैसे हिंदी, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान इत्यादि। इन विषय की किताबों को आप शुरू से पढ़ें और क्लासरूम में पढ़ाने से पहले पढ़कर जाएं।
  3. पढ़ाई के साथ-साथ निबंध लिखने और किसी सवाल का जवाब खुद से लिखने का अभ्यास करें।
  4. अपने दोस्तों के साथ पढ़ाई करें। अगर कोई सवाल किसी दोस्त को नहीं समझ में आ रहा है तो उसकी मदद करें। इससे आपकी समझ पुख्ता होगी और आपके दोस्त को भी पढ़ाई में मदद मिलेगी।
  5. अच्छे नंबर का रिश्ता परीक्षा के दौरान अच्छी हैंडराइटिंग में सवालों का जवाब सही-सही लिखना है। इसके लिए सुलेख लिखें और अपनी राइटिंग को अच्छा बनाएं।
  6. सवालों का जवाब आपको याद रहे। इसके लिए पहले सवाल को समझें और फिर जवाब लिखें। समय-समय पर इसका दोहरान करते रहें ताकि आपको चीज़ें याद रहें।
  7. गणित एक ऐसा विषय है जो समझने पर ज्यादा ध्यान देने की माँग करता है। इसके साथ ही नियमित अभ्यास की भी दरकार होती है। इसलिए क्लास में पढ़ाई पर ध्यान दें। घर आकर पढ़ाए गए पाठ का अभ्यास करें और कोई टॉपिक समझ में न आए तो शिक्षक या बड़े भाई-बहन की मदद लें।
  8. अंग्रेजी और संस्कृत की वर्ड मीनिंग याद करें। उसका वाक्य में प्रयोग करें ताकि आपको चीज़ें अच्छे से याद हो जाएं। हिंदी और अंग्रेजी की किताबों को बार-बार पढ़ना आपके लिए मददगार होगा। आप जिस भी मीडियम से पढ़ रहे हैं, उस भाषा में आपकी लिखने की अच्छी तैयारी होनी चाहिए ताकि आप अपनी बात अच्छे से लिख पाएं।
  9. खेलने के लिए वक़्त निकालें और दोस्तों के साथ समय बिताएं।
  10. परीक्षा, पढ़ाई का हिस्सा भर है इसमें मिलने वाले नंबर हर क्लास में बदलते रहते हैं। इसलिए नंबर कम मिलें या ज्यादा परेशान न हों। अगर कभी बोर्ड परीक्षाओं के नाम पर डर लगे तो उन साथियों से बात करें जो नौवीं में पढ़ रहे हैं या दसवीं-बारहवीं की परीक्षा पास कर चुके हैं। अपने शिक्षक से भी इस बारे में बात कर सकते हैं।

 

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