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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

लेखिका- स्वालिहा खातून, शिक्षिका, उत्तर प्रदेश

Founder of EducationMirror.org and education leader with 10+ years of experience driving impactful FLN and system-level reforms, combining field insights and program expertise from organizations like Piramal Foundation, STIR Education, Tata Trusts, Room to Read, BBC Hindi, and Azim Premji Foundation. Through EducationMirror.org, I aim to bridge the gap between classroom realities and scalable solutions by curating practitioner-driven insights, strengthening foundational literacy and numeracy (FLN), and amplifying voices from the field to influence practice and policy.
शिक्षा

शिक्षक डायरी: ‘सात बार टूटी, मगर आँसुओं के बीच जगी जिद ने बनाया कॉलेज टॉपर’

स्वालिहा खातून लिखती हैं, "प्रोजेक्ट रिजेक्ट होने पर बह रहे आँसुओं के बीच मैंने खुद से कहा—'मैं हिंदी माध्यम से हूँ तो क्या हुआ? इतनी दूर…

सुर्ख़ियों में शिक्षा

डायरी: चाक-डस्टर, ब्लैकबोर्ड और संवाद: अध्यापन के एक दशक का आत्मीय सफर

अरविंद कुमार सिंह लिखते हैं, "पिछले दस वर्षों में अध्यापन ने मुझे जितना बच्चों को सिखाने का अवसर दिया, उससे कहीं अधिक स्वयं सीखने का अवसर…

गणित शिक्षण

गणित के सवाल: तस्‍वीर बता, तुझमें क्‍या-क्‍या छि‍पा?

इस तस्‍वीर का अधूरापन इसकी एक ख़ूबी है। यह आपको सब कुछ नहीं दिखाती। कुछ अधूरी चीज़ों के ज़रिए यह आपको सोचने के ल‍िए मज़बूर करती…

गणित शिक्षण

लेख- ‘गणित विषय से दोस्ती की पहली सीढ़ी है ‘संख्या पूर्व अवधारणा’

क्या गणित का डर संख्याओं से शुरू होता है, या उससे पहले? जानिए कैसे एक-एक की संगति, क्रम और पैटर्न जैसी सरल अवधारणाएँ बच्चों के गणित…

शिक्षा पर संपादकीय

मुंबई: परेल भोईवाडा मराठी शाला में ‘डिजिटल बदलाव’ की प्रेरक कहानी

मुंबई स्थित परेल भोईवाडा मनपा मराठी शाला में 'डिजिटल शिक्षा में बदलाव' की यह कहानी बताती है कि परिवर्तन हमेशा बड़े शहरों के बड़े स्कूलों से…

लायब्रेरी

पुस्तक चर्चा: नाच पढ़ते हुए लगा, “यह तो मेरी ही कहानी है”

राकेश पेगू की नज़र से 'नाच' उपन्यास की संवेदनशील समीक्षा। जानिए क्यों नवनीत नीरव का यह उपन्यास आत्मस्वीकार, सपनों और अभिव्यक्ति की आज़ादी की एक यादगार…

शिक्षा

जोड़-घटाव के सवाल: संक्रियाओं के निशान को समझने में चूक या समझ की एक झलक

इस लेख में रवि कांत जी ने संक्रियाओं के प्रतीकों (जैसे जोड़, घटाव इत्यादि) की पहचान व समझ में होने वाली चूक का एक रोचक समाधान…

लायब्रेरी

एक कक्षा-एक पुस्तकालय: बनती ईंटों के बीच उगते सपने

ईंट-भट्टों की बस्तियों में कम संसाधनों के बीच बच्चों तक किताबें पहुँचाने और पढ़ने के प्रति चाव पैदा करने की पहल बताती है कि सीखने की…

सुर्ख़ियों में शिक्षा

लेख- बच्‍चों के हलों को ‘ग़लती’ मानने की ग़लती

इस लेख में रवि कांत जी ने जोड़ के पैटर्न वाली गलतियों पर आधारित लेख का विश्लेषण करते हुए, सोचने की एक नई दृष्टि और समझ…