बचपन की एक रोमांचक याद – हिमानी लोहनी
"हिमानी हमारे साथ ही रहना चाहती है । जब तक आप लोग हाँ नहीं बोलोगे, उसका पता किसी को नहीं बताया जाएगा।"
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"हिमानी हमारे साथ ही रहना चाहती है । जब तक आप लोग हाँ नहीं बोलोगे, उसका पता किसी को नहीं बताया जाएगा।"
पढ़िए संजीव ठाकुर की लिखी और एकलव्य से प्रकाशित किताब बचपन की बातें का एक अंश।
बाल दिवस के मौके पर पढ़िए यह पोस्ट और साझा करिये अपने विचार।
उस रफ़ कॉपी में बहुत सी यादें होती थीं, जैसे अनजानी दोस्ती अनजाना सा गुस्सा, कुछ उदासी, कुछ दर्द।