सरकार की तरफ़ से स्कूली बच्चों को खाना देने की बजाय पैसे देने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। आदिवासी और ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों में मिलने वाले भोजन के बदले पैसा देने का विकल्प बहुत से बच्चों को भोजन के अधिकार से वंचित कर देना होगा। [...]
सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक कहते हैं कि हमारे स्कूल में स्टाफ कम है। पड़ोस के स्कूल में ज्यादा स्टाफ हैं, लेकिन बच्चे कम हैं। एक गाँव में तीन स्कूलों की क्या जरूरत है, मगर गाँव के हर क्षेत्र को अपना स्कूल चाहिए। इसके कारण भी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर गिर रहा है। हम आठवीं तक बच्चों को पढ़ना ही सिखा रहे हैं। [...]
भारत में शिक्षा का अधिकार क़ानून 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ था। इसे लागू हुए पाँच साल हो गए हैं। पांच सालों में क्या बदला है, आइए इसकी पड़ताल करते हैं। [...]