चर्चा मेंः बच्चों पर ऑनलाइन पढ़ने का दबाव तो है, मगर हमारी तैयारी कितनी है? इस लेख में जयकिशन गोडसोरा 'ऑनलाइन लर्निंग' के शोर में विलुप्त सवालों को फिर से चर्चा में लाते हैं। पढ़िए यह लेख [...]
उम्मीद की पाठशालाः ‘सकारात्मक ऊर्जा के वाहक हैं सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक’ सरकारी विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों की प्रेरित करने वाले कहानियों और प्रोत्साहन की संस्कृति को रेखांकित करती हैं, शिरीष खरे कि किताब 'उम्मीद जगाती पाठशाला'। [...]
शिक्षा विमर्शः शिक्षकों के लिए बने मजबूत ‘सपोर्ट सिस्टम’ सेमीनार के तीसरे दिन शिक्षकों की स्वायत्ता, आज़ादी और मानवीय गरिमा को बनाए रखने का मुद्दा चर्चा में था। [...]
स्कूल और कॉलेजः परीक्षाओं का डर आख़िर कब तक? आख़िर कब तक हमारे स्कूल, क़ॉलेज और विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं का डर कायम रहेगा? यह सवाल 21वीं सदी में और ज़्यादा प्रासंगिक हो गया है। [...]
बच्चों के मन की बातः 20 साल बाद क्या होगा? बच्चे अपने भविष्य के बारे में क्या सोचते हैं? पढ़िए इस पोस्ट में। [...]