गैलरीः तस्वीरों में देखिए प्राथमिक शिक्षा की कहानी
- भारत में शिक्षा का अधिकार क़ानून एक अप्रैल 2010 से लागू किया गया। इसे पाँच साल पूरे हो गए हैं। इसके तहत 6-14 साल तक की उम्र के बच्चों को अनिवार्य और मुफ्त शिक्षा का प्रावधान किया गया है।
- भारत में बच्चों की शिक्षा को आनंददायी बनाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। यूनिसेफ दुनिया के विभिन्न देशों में बाल मित्र स्कूल (Child Friendly School) बनाने के लिए विभििन्न संस्थाओं को सपोर्ट कर रहा है।
- उनका कहना था, “प्राथमिक शिक्षा में सीखने के तरीके पर ध्यान दिया जाता है, जिसमें सीखने की कुशलता प्राप्त करना, शारीरिक आदतों का परिष्कार, ज्ञान प्राप्त करने के लिए आवश्यक मनःस्थिति, उचित निर्णय शक्ति और अपने कार्य निष्पादन का कौशल सिखाया जाता है।”
- शिक्षा जीवन भर चलती रहती है।
- आंगनबाड़ी केंद्र में खेलते बच्चे। भारत में लंबे समय से यह मांग की जा रही है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के प्री-स्कूलिंग के लिए भी क़दम उठाना चाहिए ताकि इन बच्चों को भविष्य की पढ़ाई के लिए पहले से तैयार किया जा सके। उनको पढ़ने और किताबों के आनंद से रूपरू करवाया जा सके।