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शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

अर्ली लिट्रेसी

अर्ली लिट्रेसी को प्रारंभिक साक्षरता भी कहते हैं। इसके अनुसार पढ़ना एक बुनियादी कौशल है। इस कौशल पर बच्चों का शेष विकास निर्भर है। इसलिए शुरुआती सालों में बच्चे का पढ़ना-लिखना सीखना बहुत मायने रखता है।

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अर्ली लिट्रेसीः याद आते हैं ‘रीडिंग कैंपेन’ वाले दिन

अगर स्कूल आने वाले किसी बच्चे को पढ़ना ही नहीं आता है तो सारे विषय पढ़ाने का क्या मतलब है? ऐसे बच्चों को पढ़ना सिखाने के…

अर्ली लिट्रेसी

अर्ली लिट्रेसीः पहली कक्षा में पढ़ रहे कम उम्र के बच्चों का क्या होगा?

शिक्षा के अधिकार क़ानून के मुताबिक़ पहली कक्षा में बच्चों के प्रवेश की सही उम्र छह साल है। लेकिन बहुत से सरकारी स्कूलों में इससे कम…

अर्ली लिट्रेसी

एक सवालः “जो बच्चे स्कूल आ रहे हैं, वे सीख रहे हैं क्या?”

बच्चों के रोज़ाना स्कूल आने पर काफ़ी ध्यान दिया जाता है। मगर सबसे अहम सवाल है कि क्या स्कूल आने वाले बच्चे सीखते भी हैं?

अर्ली लिट्रेसी

अर्ली लिट्रेसीः क्या हैं मायने?

बचपन की साक्षरता (अर्ली लिट्रेसी) के बारे में प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार कहते हैं कि पढ़ना एक ऐसा बुनियादी कौशल है। जिसके ऊपर बच्चों का शेष विकास…

अर्ली लिट्रेसी

नज़रियाः 110 बच्चों को एक कालांश में पढ़ाते हैं एक शिक्षक

तीन कक्षाओं को हिंदी पढ़ाने के लिए एक शिक्षक को मात्र एक कालांश मिला है क्योंकि आठवीं तक के इस विद्यालय में मात्र पाँच शिक्षक हैं।…

अर्ली लिट्रेसी

नर्सरी एडमीशनः “मैनेजमेंट कोटा” ख़त्म, बदली प्रवेश की प्रक्रिया

दिल्ली की सरकार ने सरकारी सहायता प्राप्त निजी स्कूलों में नर्सरी में प्रवेश के लिए 20 फ़ीसदी के मैनेजमेंट कोटे को समाप्त कर दिया है. प्रवेश…

अर्ली लिट्रेसी

प्राथमिक शिक्षा में अभी मीलों जाना है!!!

शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग, काम और लेखन तीनों बहुत संवेदनशीलता की मांग करते हैं. इसके अभाव में किया गया लेखन लोगों में हैरानी, क्षोभ और…

अर्ली लिट्रेसी

जरूरी मुद्दाः स्कूल में ठहराव सुनिश्चित करना , बच्चों का खेल नहीं है

प्राथमिक शिक्षा में सुधार को लेकर तमाम प्रयास जारी है। शिक्षक प्रयोगों की बाढ़ से परेशान हैं। शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाएं प्रयोगों…

अर्ली लिट्रेसी

भारत में पूर्व-प्राथमिक शिक्षाः आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ाई क्यों नहीं होती?

भारत में पूर्व-प्राथमिक शिक्षा की स्थिति आगे की असमानताओं के लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। आखिर आंगनबाड़ी केंद्रों को पर्याप्त महत्व क्यों नहीं दिया जा…

अर्ली लिट्रेसी

डाइट प्रिंसिपल आभा मेहता से एक मुलाकात

वर्तमान में "डाइट" डूंगरपुर की प्रिंसिपल आभा मेहता से मिलना मेरे लिए एक यादगार अनुभव रहा। वहां का माहौल बहुत सकारात्मक है। उनका काम के प्रति…