किताब के ‘घोंसले’ से बाहर झांकती बच्ची क्या कहती है?
एक घोंसले की कहानी, जो बच्चे ने किसी बड़े को समझायी।
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इस कॉलम में बच्चों के लिखे अनुभव। क्लासरूम में उनके अनुभव। शिक्षकों व शिक्षा के बारे में उनकी राय। उनकी बनाई तस्वीरों और बदलते समय के बारे में बच्चों के विचारों को प्रमुखता के साथ पेश करता है।
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एक घोंसले की कहानी, जो बच्चे ने किसी बड़े को समझायी।
कृष्ण कुमार इस साल तीसरी क्लास में पहुंच रहे हैं।
नियमित अध्ययन और लिखने की तैयारी आठवीं में बोर्ड परीक्षा की तैयारी में अच्छे प्रदर्शन का आधार है।
यह कविता बच्चों को समझने और उनको प्यार से पढ़ाने की गुजारिश करती है।
बच्चों की पसंद-नापसंद तय करने का अधिकार किसे हैं? पढ़िए इस पोस्ट में।
ज्यादा नंबर मिले तो वाह-वाह भी नहीं। कम नंबर मिले तो ताने। ये कैसा समाज है?
इस महीने शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की तमाम सारी ख़बरों ने मीडिया में जगह बनाई। अगर देश के सबसे…
यह पोस्ट बच्चों के स्वभाव को समझने पर जोर देती है।
कौन सी बात है जो हमें लिखने को प्रेरित करती है? पढ़िए इस पोस्ट में।
उस रफ़ कॉपी में बहुत सी यादें होती थीं, जैसे अनजानी दोस्ती अनजाना सा गुस्सा, कुछ उदासी, कुछ दर्द।