शिक्षा विमर्शः ‘जो बात क्लासरूम तक पहुंच जाए, वही सफल है’ किसी विचार को क्लासरूम तक ले जाना शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती है। [...]
कोई भी विचार कभी पुराना नहीं पड़ताः प्रो. कृष्ण कुमार "अरे, यह सब तो हमें पहले से ही पता है, इसमें नया क्या है?" और यही बात खतरनाक है।" [...]
सरकारी स्कूल अपने ‘स्वर्णिम अतीत’ की कहानी दोहरा पाएंगे? इस पोस्ट में पढ़िए हाल की घटनाओं पर एक त्वरित टिप्पणी। [...]
‘शिक्षा और लोकतंत्र’ पर जॉन डिवी के विचार इस पोस्ट में पढ़िए 'शिक्षा और लोकतंत्र' किताब का एक अंश। [...]
कैसा हो भविष्य का शिक्षा तंत्र? इस पोस्ट के लेखक नितेश वर्मा कहते हैं कि भविष्य के शिक्षा तंत्र में कोई एक केंद्र नहीं होना चाहिए। [...]
बच्चों को ‘कचरा’ मानने वाली सोच कहाँ से आती है? बच्चों के प्रति सही नज़रिये का विकास भी शिक्षक प्रशिक्षण का हिस्सा होना चाहिए। [...]
स्कूल छोड़ने के बाद भी काम आए शिक्षा- जॉन डिवी शिक्षा दार्शनिक जॉन डिवी का विचार था कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोगशीलता और परिवर्तन की गुंजाशन बनी रहनी चाहिए। [...]
शिक्षकों की भूमिकाः भविष्य की तैयारी है जरूरी इस पोस्ट में पढ़िए आने वाले वक़्त में शिक्षकों कौन से नए सवाल उभरेंगे? [...]