शिक्षा विमर्शः ‘जो बात क्लासरूम तक पहुंच जाए, वही सफल है’ किसी विचार को क्लासरूम तक ले जाना शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती है। वृजेश सिंह, संस्थापक-संपादक, एजुकेशन मिरर | 7 अप्रैल 2017
एज्युकेशन कोट्स कोई भी विचार कभी पुराना नहीं पड़ताः प्रो. कृष्ण कुमार "अरे, यह सब तो हमें पहले से ही पता है, इसमें नया क्या है?" और यही बात खतरनाक है।" 10 सितंबर 2016
शिक्षा सरकारी स्कूल अपने ‘स्वर्णिम अतीत’ की कहानी दोहरा पाएंगे? इस पोस्ट में पढ़िए हाल की घटनाओं पर एक त्वरित टिप्पणी। 3 सितंबर 2016
शिक्षा दर्शन ‘शिक्षा और लोकतंत्र’ पर जॉन डिवी के विचार इस पोस्ट में पढ़िए 'शिक्षा और लोकतंत्र' किताब का एक अंश। 22 जुलाई 2016
शिक्षा दर्शन कैसा हो भविष्य का शिक्षा तंत्र? इस पोस्ट के लेखक नितेश वर्मा कहते हैं कि भविष्य के शिक्षा तंत्र में कोई एक केंद्र नहीं होना चाहिए। 10 जुलाई 2016
शिक्षा टेक्नॉलॉजी बच्चों को ‘कचरा’ मानने वाली सोच कहाँ से आती है? बच्चों के प्रति सही नज़रिये का विकास भी शिक्षक प्रशिक्षण का हिस्सा होना चाहिए। 11 मार्च 2016
शिक्षा दर्शन स्कूल छोड़ने के बाद भी काम आए शिक्षा- जॉन डिवी शिक्षा दार्शनिक जॉन डिवी का विचार था कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोगशीलता और परिवर्तन की गुंजाशन बनी रहनी चाहिए। 9 जनवरी 2016
मैं शिक्षक हूं शिक्षकों की भूमिकाः भविष्य की तैयारी है जरूरी इस पोस्ट में पढ़िए आने वाले वक़्त में शिक्षकों कौन से नए सवाल उभरेंगे? 10 मार्च 2013