पुस्तकालय की सक्रिय मौजूदगी में किस तरह का समाज बनने की संभावना है? लाइब्रेरी की सक्रिय मौजूदगी का बच्चों के ऊपर सकारात्मक असर होता है। [...]
लेखन के समय ध्यान रखने वाली ख़ास बातें क्या हैं? भाषा कार्यशाला के नोट्स में पढ़िए अंजलि नरोन्हा के विचार। [...]
चर्चाः लाइब्रेरी को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल? भारत में पुस्तकालय को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल। आपका सवाल क्या है? [...]
‘कविता इस तरह सुननी चाहिए कि बुद्धि का उस पर अतिक्रमण न हो’ – उदयन वाजपेयी उदयन वाजपेयी ने कविताओं के बारे में एक सत्र में अपने विचार रखिए। पढ़िए उस सत्र के नोट्स। [...]
‘द्वंद से बचकर अच्छा लेखन या अच्छा साहित्य सृजन नहीं हो सकता’ – अंजलि नरोन्हा अंजलि नरोन्हा कहती हैं कि द्वंद से बचकर अच्छा लेखन या अच्छा साहित्य सृजन नहीं हो पाता है। [...]
लाइब्रेरी का महत्वः समझ के साथ ‘पढ़ने के आनंद’ से परिचित कराती है लाइब्रेरी यह कहानी उन स्कूलों की है जो लाइब्रेरी को महत्व दे रहे हैं और उसे जीवंत बना रहे हैं। [...]
कविता में अर्थ पहले आता हैः नरेश सक्सेना नरेश सक्सेना जी कहते हैं कि कविता में अर्थ पहले आता है और फिर कवि उसे शब्दों में प्रकट करता है। [...]
कविता भाषा का कारखाना है: सुशील शुक्ल कविताओं को लिखने की कला के साथ-साथ पढ़ने की कला पर भी संवाद जरूरी है। [...]
जॉन होल्ट की डायरीः ‘ज्ञान, सीखना और समझना एकरेखीय नहीं है’ 1960 में लिखी गई जॉन होल्ट की डायरी के कुछ अंश पढ़िए इस पोस्ट में। [...]
पुस्तक चर्चा: दोस्ती की जीवंत मिसाल है ‘किकि’ यह किताब दोस्ती और उसके जीवन पर असर को रेखांकित करती है। [...]