स्कूल की ‘आंगनबाड़ी’ से किसका भला होगा?
पहली-दूसरी क्लास में बहुत से ऐसे बच्चे भी बैठते हैं जिनका स्कूल में एडमीशन नहीं है। इसका पहली-दूसरी क्लास के सीखने पर क्या असर होता है? पढ़िए इस पोस्ट में।
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पहली-दूसरी क्लास में बहुत से ऐसे बच्चे भी बैठते हैं जिनका स्कूल में एडमीशन नहीं है। इसका पहली-दूसरी क्लास के सीखने पर क्या असर होता है? पढ़िए इस पोस्ट में।
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पहली कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे भी अपने शिक्षकों और स्कूल के बारे में सोचते हैं। आख़िर उनके मन में क्या-क्या ख्याल आते होंगे।
पहली कक्षा के बच्चों ने टॉपर की स्टोरी को एक नया मोड़ दे दिया था। भाषा शिक्षिका इस बदलाव पर हैरान थीं। उनके चेहरे पर मेहनत की ख़ुशी साफ़-साफ़ दिखाई दे रही थी।
पहली कक्षा में आने वाला बच्चा अगर वर्णों, मात्राओं को पहचान पाता है। वर्ण-मात्राओं को आपस में मिलाने के कारण वर्ण की ध्वनि में होने वाली परिवर्तन को समझ पाते हैं, तो उसके लिए पढ़ना आसान हो जाता है।