पढ़ना है समझना

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अगर बच्चा पहली-दूसरी कक्षा तक पढ़ना सीख जाता है तो उसका आगे का सफर आसान हो जाता है। ऐसे बच्चे की स्कूल छोड़ने की आशंका बेहद कम हो जाती है।

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