
शिक्षा के बारे में महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता आज भी बड़ी शिद्दत से महसूस होती है। उनका कहना था,”दिमाग को हाथ के काम द्वारा शिक्षा मिलनी चाहिए। मैं कवि होता तो हाथ की पाँच उंगलियों की अद्भुत शक्तियों के बारे में कविता लिखता।”
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इस बारे में महात्मा गाँधी क्या कहते हैं? पढ़िए इस पोस्ट में।

शिक्षा के बारे में महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता आज भी बड़ी शिद्दत से महसूस होती है। उनका कहना था,”दिमाग को हाथ के काम द्वारा शिक्षा मिलनी चाहिए। मैं कवि होता तो हाथ की पाँच उंगलियों की अद्भुत शक्तियों के बारे में कविता लिखता।”
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