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सरकारी स्कूल में क्यों कराएं बच्चों का प्रवेश?

सुन ले पिंकी-बबलू-राजू
सुन ले ——-प्यारे सुरेश !
अबकी बार —-लेना तुम
*सरकारी स्कूलों में प्रवेश !!*

निशुल्क मिलते कपड़े यहाँ
निशुल्क — स्वादिष्ट भोजन !
उच्च योग्यताधारी विशेषज्ञ
*पढ़ाते यहाँ पर —- गुरुजन !!*

छात्रवृत्ति – गणवेश मिलती
मिलती है पात्र को साइकिल !
हर परीक्षा — निशुल्क होती
*नहीं देना पड़ता — कोई बिल !!*

साफ – सुथरा माहौल यहाँ
और पृथक-पृथक शौचालय !
बड़े-बड़े मैदान है – रखते
*ये ——- सरकारी विद्यालय !!*

होती — स्वस्थ प्रतियोगिता
नहीं कभी –किसी की निंदा !
आजादी — इतनी मिलती है
*जैसे नभ में उड़े — “परिंदा” !!*

पैसा कुछ भी खर्च ना होगा
ना होगा कोई – घर में क्लेश !
अबकी बार —- लेना तुम
*सरकारी स्कूलों में — प्रवेश !*

*अगर आप सरकारी स्कूल से जुड़े है to 2 April से पहले इसे अधिक से अधिक शेयर जरूर करे।*

यह कविता हमारे शिक्षक साथियों ने लिखी है। उनकी रचनात्मक को एजुकेशन मिरर की तरफ से बहुत-बहुत शुक्रिया।

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