स्कूल डायरी: ‘शिक्षक पूछ रहे थे कि आपने क्या जादू कर दिया है?”
आज स्कूल में संतोष मैम की क्लास में मौजूद होना हैरान करने वाला अनुभव था। मैम ने एक दिन का पूरा…
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आज स्कूल में संतोष मैम की क्लास में मौजूद होना हैरान करने वाला अनुभव था। मैम ने एक दिन का पूरा…
प्राथमिक कक्षाओं में कविताएं बच्चों को भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
पढ़ना केवल शब्दों को देखना नहीं है, बल्कि उन्हें समझना है और यह समझ तभी बनती है जब पाठक अपने पूर्व ज्ञान और अनुभवों को सक्रिय रूप से पाठ से जोड़ पाता है।
क्या हम मानते हैं कि बातचीत के माध्यम से सीखते हैं?
अर्थ निर्माण की प्रक्रिया में हमारे पूर्व अनुभव व पूर्व ज्ञान एक फ्रेमवर्क की तरह काम करते हैं और हम अपने संदर्भ में अर्थ का निर्माण करते हैं।
भाषा कैसे हमारे सोचने, सीखने और करने को प्रभावित करती है, जानिए इस लेख में।
'Philosophy in Practice' पुस्तक उन सभी के लिए उपयोगी है जो जीवन, नैतिकता, ज्ञान और वास्तविक जीवन के गहरे प्रश्नों पर विचार करना चाहते हैं।
इस लेख में जनित जैन रेखांकित करते हैं कि वर्तमान के बच्चों की शिक्षा भविष्य की भावी चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
पढ़ने की आदत का विकास करने के लिए केवल किताबों का होना ही पर्याप्त नहीं है।
यह स्वीकार करना कि बाकी दुनिया के होने में अपना भी होना शामिल है, एक बहुत बड़ी बात है।