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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

सुर्ख़ियों में शिक्षा

शिक्षा से जुड़ा कौन सा मुद्दा है चर्चा में। कौन से मुद्दे पर लोग कर रहे हैं बातें। शिक्षा नीति में बदलाव की बात हो या फिर स्कूलों से जुड़ी कोई ऐसी खबर जो राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी है। सिंगल टीचर स्कूल। अंडर एज बच्चे। अनियमित बच्चे। अनियमित शिक्षक। शिक्षकों का रोज स्कूल न आना। नीतिगत बदलाव।

टीचर प्रोफ़ेशनल डेवेलपमेंट (टीपीडी)

पुस्तक चर्चाः एक शिक्षक के अनुभवों का जीवंत दस्तावेज़ है ‘अध्यापकीय जीवन का गुणनफल’

वर्ष 1947 में जब श्री श्याम नारायण मिश्र सातवीं कक्षा में थे, तब देश आज़ाद हुआ था और गणेश मिडिल स्कूल, पुपरी, सीतामढ़ी  के संस्थापकों ने…

मैं शिक्षक हूं

शिक्षक इंटरव्यू सिरीज़ः ‘दिन-प्रतिदिन बच्चों के साथ-साथ मैं भी कुछ न कुछ नया सीख रही होती हूँ’

इंटरव्यु सिरीज़ की चौथी कड़ी में पढ़िए एजुकेशन मिरर की मैनेजिंग एडिटर डॉ. नीलम वर्मा और दिल्ली की शिक्षिका स्वाति की बातचीत।

मैं शिक्षक हूं

शिक्षक इंटरव्यू सिरीज़ः ‘बच्चों को एक ऐसा इंसान बनता देखना चाहता हूं जो अच्छे नागरिक हों’

डॉ. कमलेश अटवाल कहते हैं, "मेरे अनुसार एक शिक्षक अपनी सीखी हुई बातें अपने छात्र-छात्राओं से साझा करते हैं और उन्हें सामाजिक और मनोवैज्ञानिक सपोर्ट देते…

मैं शिक्षक हूं

शिक्षक इंटरव्यू सिरीज़ः “विषय को ‘समझाने’ से पहले बच्चों को समझना है जरूरी- सविता प्रथमेश”

बच्चों के साथ जुड़ाव की जीवंत मिसाल है सविता प्रथमेश जी। उन्होंने इस जीवंतता को कैसे हासिल किया? पढ़िए इस साक्षात्कार में।

सुर्ख़ियों में शिक्षा

चर्चा मेंः पहली बार भारत के हर कोने के ‘शिक्षकों की इंटरव्यु सिरीज़’ सिर्फ एजुकेशन मिरर पर

भारत के विभिन्न राज्यों में एजुकेशन मिरर के पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार! आप सभी के लगातार प्रोत्साहन, सहयोग और इस प्लेटफॉर्म के लिए लिखे…

सुर्ख़ियों में शिक्षा

चर्चा मेंः बच्चों पर ऑनलाइन पढ़ने का दबाव तो है, मगर हमारी तैयारी कितनी है?

इस लेख में जयकिशन गोडसोरा 'ऑनलाइन लर्निंग' के शोर में विलुप्त सवालों को फिर से चर्चा में लाते हैं। पढ़िए यह लेख

सुर्ख़ियों में शिक्षा

विश्व पर्यावरण दिवसः प्रकृति के प्रति यह कैसा प्रेम है, जहाँ विकास की परिभाषा काटती है ‘जंगल’

वृजेश लिखते हैं, "विकास का परिभाषाा का पर्यावरण और जन हितैषी होना बेहद जरूरी है।"

सुर्ख़ियों में शिक्षा

‘साइंस Vs सोशल साइंसः दुनिया में ज्ञान खोजिए, ज्ञान को बाइनरी में मत झोंकिए’-जे. सुशील

जे. सुशील लिखते हैं, "असल में साइंस और सोशल साइंस अलग चीज़ें हैं ही नहीं। इसे बाइनरी में बनाकर लोगों को सोचने से रोका गया है…

सुर्ख़ियों में शिक्षा

जे. सुशीलः अमेरिका की तरह भारत में शिक्षा का निजीकरण क्यों नहीं होना चाहिए?

भारत में शिक्षा के निजीकरण वाले तर्क की 4 सबसे बड़ी कमजोरियां क्या हैं? बता रहे जे. सुशील इस लेख में। पढ़िए और साझा करिए अपनी…