पहली क्लास में सिर्फ हिंदी पढ़ाई जाती है?
पहली क्लास में सारे विषयों के ऊपर ध्यान देने की जरूरत होती है। ताकि बच्चे का हर विषय में सीखना सुनिश्चित किया जा सके।
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पहली क्लास में सारे विषयों के ऊपर ध्यान देने की जरूरत होती है। ताकि बच्चे का हर विषय में सीखना सुनिश्चित किया जा सके।
पहली क्लास के बच्चे जो पहले डरते थे। अब किताब पढ़ने के लिए लालायित नजर आते हैं।
पहली कक्षा के बच्चों ने टॉपर की स्टोरी को एक नया मोड़ दे दिया था। भाषा शिक्षिका इस बदलाव पर हैरान थीं। उनके चेहरे पर मेहनत की ख़ुशी साफ़-साफ़ दिखाई दे रही थी।
अगर स्कूल आने वाले किसी बच्चे को पढ़ना ही नहीं आता है तो सारे विषय पढ़ाने का क्या मतलब है? ऐसे बच्चों को पढ़ना सिखाने के लिए राजस्थान में रीडिंग कैंपेन योजना शुरू की गयी थी।
सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक कहते हैं कि हमारे स्कूल में स्टाफ कम है। पड़ोस के स्कूल में ज्यादा स्टाफ हैं, लेकिन बच्चे कम हैं। एक गाँव में तीन स्कूलों की क्या जरूरत है, मगर गाँव के हर क्षेत्र को अपना स्कूल चाहिए। इसके कारण भी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर गिर रहा है। हम आठवीं तक बच्चों को पढ़ना ही सिखा रहे हैं।
“बच्चों को हिंदी में पढ़ना सिखाना बहुत आसान काम है। लेकिन हिंदी में लिखना सिखाना काफी मुश्किल काम है।" यह कहना है एक शिक्षक का। इस पोस्ट में पढ़िए पढ़ना-लिखना सीखने से जुड़े रोचक अनुभवों के बारे में।