शिक्षक ताराराम जी कहते हैं, “सब कंगूरा देख रहे हैं, मैं नींव तैयार कर रहा हूँ” ताराराम जी कहते हैं, "पहले नींव तैयार करो, फिर आगे बढ़ो। यह मेरा मूलमंत्र है।" [...]
भाषा शिक्षणः ‘धारा प्रवाह पठन’ बढ़ाने के 7 टिप्स लिट्रेसी कोच बता रहे हैं धारा प्रवाह पठन को बढ़ाने के तरीके। [...]
स्कूल में बच्चे की भाषा के लिए कितनी जगह है? इस पोस्ट में पढ़िए सुशील शुक्ल का आलेख जो बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ना सिखाने पर केंद्रित है। [...]
‘पहले कठपुतली से नजर आते थे अक्षर, अब बात करते हैं’ इस पोस्ट में पढ़िए साक्षरता कार्यक्रम से जुड़ी 10 उपयोगी बातें। [...]
बच्चों को पंसद है ‘दोस्ती’ कहानी की एक किताब है 'दोस्ती'। इसे पढ़ने में बच्चों को खूब मजा आता है। [...]
स्कूल की लायब्रेरी के बारे में कौन सोच रहा है? पढ़ने की आदत का निर्माण करने में किताबों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मगर क्या हम इसके बारे में गंभीरता से सोच रहे हैं? [...]
‘तोत्तो-चान’ के स्कूल का माहौल कैसा था? इस पोस्ट में पढ़िए 'तोत्तो चान' के स्कूल तोमोए की कहानी। [...]
‘भाषायी क्षमताओं का विकास विद्यालय की जिम्मेदारी है’ हिंदी का शिक्षाक्रम कहता है कि अन्य विषयों के ज्ञान तक पहुंचना भाषा के माध्यम से ही संभव है। [...]
पठन कौशल विकास के लिए कैसे काम करें शिक्षक? पठन कौशल के विकास में शिक्षक की क्या भूमिका होती है। यह पोस्ट इसी [...]
स्वतंत्र पठन के फायदे क्या हैं? स्वतंत्र पठन क्या है? इसके क्या फायदे हैं? इस पोस्ट में पढ़िए दोनों सवालों के जवाब। [...]