‘स्वतंत्र पाठक’ के मायने क्या हैं? स्वतंत्र पठन की गतिविधि किसी बच्चे को 'आजीवन पाठक' बनाने की दिशा में आगे ले जाती है। [...]
परीक्षाओं में कोर्स की किताब पढ़ें या कहानियां? कोर्स की किताबों को कहानियों से ज्यादा प्राथमिकता देना परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के दबाव की कहानी दोहराता है। [...]
प्रायवेट स्कूल में बच्चे पढ़ना कैसे सीख जाते हैं? यह सवाल सरकारी स्कूल के एक प्रधानाध्यापक ने निजी स्कूल के प्रधानाध्यापक से पूछा। इस पोस्ट में पढ़िए उनको क्या जवाब मिला। [...]
बच्चों को पढ़ने के लिए कैसे प्रेरित करें? आज के दौर में बच्चों को पढ़ने के लिए कैसे प्रेरित करें। यह सवाल बेहद अहम है। इस पोस्ट में पढ़िए इस सवाल का जवाब। [...]
लायब्रेरी में पहली क्लास के बच्चे क्या करेंगे ? अगर आप भी ऐसे सवालों से दो-चार होते हैं तो पढ़िए यह पोस्ट। [...]
अर्ली लिट्रेसीः याद आते हैं ‘रीडिंग कैंपेन’ वाले दिन अगर स्कूल आने वाले किसी बच्चे को पढ़ना ही नहीं आता है तो सारे विषय पढ़ाने का क्या मतलब है? ऐसे बच्चों को पढ़ना सिखाने के लिए राजस्थान में रीडिंग कैंपेन योजना शुरू की गयी थी। [...]
बच्चे बारहखड़ी ‘रट लें’ तो वे हिंदी पढ़ना सीख जाएंगे!!! बारहखड़ी सीखने मात्र से बच्चों के लिए पढ़ना आसान हो जाता तो शायद हिंदी पढ़ने में बच्चों को इतनी मुश्किल पेश नहीं आती। [...]
एक सवालः “जो बच्चे स्कूल आ रहे हैं, वे सीख रहे हैं क्या?” बच्चों के रोज़ाना स्कूल आने पर काफ़ी ध्यान दिया जाता है। मगर सबसे अहम सवाल है कि क्या स्कूल आने वाले बच्चे सीखते भी हैं? [...]
शिक्षा क्षेत्र की सुर्ख़ियों पर एक नज़रः2013 शिक्षा और जीवन की गुणवत्ता के बीच सीधा रिश्ता है. शिक्षा के क्षेत्र में तमाम बड़े सवाल अपने उत्तरों की खोज में बेचैन है. [...]