चर्चा मेंः पहली बार भारत के हर कोने के ‘शिक्षकों की इंटरव्यु सिरीज़’ सिर्फ एजुकेशन मिरर पर
भारत के विभिन्न राज्यों में एजुकेशन मिरर के पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार! आप सभी के लगातार…
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भारत के विभिन्न राज्यों में एजुकेशन मिरर के पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार! आप सभी के लगातार…
कृति अटवाल उत्तराखंड के नानकमत्ता पब्लिक स्कूल में पढ़ रही हैं। शिक्षक प्रोत्साहन सीरीज़ के लिए उन्होंने यह स्टोरी लिखी है।
शिक्षक प्रोत्साहन सीरीज़ में फिर से पढ़िए एजुकेशन मिरर के नन्हे लेखक आरव राउत को।
कु संजना रमेशराव साव, बी कॉम २, नरसम्मा हिरय्या आर्टस् कॉमर्स अँड सायन्स कॉलेज , अमरावती , महाराष्ट्र से यह स्टोरी लिखी है।
डॉ.केवल आनन्द लिखते हैं, "वर्ष 1978 में माधावानन्द चौबे जी हमारी कक्षा में आए और उन्होंने बच्चों को उनके नाम के आगे जी लगाकर संबोधित किया। हम सब इस संबोधन से हैरान थे।"
दो तस्वीरें हैं, मगर कहानी एक है। इस पोस्ट में पढ़िए विस्तार से।
इस पोस्ट में पढ़िए बदलाव और ठहराव के चौराहे पर खड़े स्कूलों की कहानी।
इस पोस्ट में पढ़िए आने वाले वक़्त में शिक्षकों कौन से नए सवाल उभरेंगे?