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बदलाव की नई राहेंः ‘नई शिक्षा नीति’ के निर्धारण का साल बनेगा शैक्षणिक सत्र 2019-20

शिक्षक साथियों,

आप सभी को नमस्कार। आप सभी को नये शैक्षणिक सत्र 2019-20 की हार्दिक शुभकामनाएं। यह शैक्षणिक सत्र हमारे देश के लिए नई शिक्षा नीति की दिशा में आगे बढ़ने का साल हो सकता है। ऐसा भी संभव है कि नई शिक्षा नीति के कारण विद्यालयों के स्तर पर विभिन्न प्रदेशों व राष्ट्रीय स्तर पर कई व्यापक बदलाव भी देखने को मिलें।

20190426_142349.jpgइनमें से विभिन्न बदलावों को लेकर समाज के अलग-अलग तबकों और शिक्षक समुदाय की राय अलग-अलग हो सकती है। अभी नई शिक्षा नीति-2019 के ड्राफ्ट का विश्लेषण और इस पर चर्चाओं का दौर विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शिक्षक समुदाय के बीच जारी है। पहली जुलाई से स्कूल खुलने के बाद इसको लेकर होने वाला विमर्श भी नये सिरे से ज़मीनी अनुभवों के साथ आगे बढ़ेगा।

  1. नये नज़रिये और उत्साह के साथ नये सत्र की शुरूआत करें। प्रत्येक दिन को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाएं और आपके मन में जो विचार आएं, उनके क्रियान्वयन के लिए थोड़ा समय जरूर दें। ताकि नये विचारों और शैक्षिक नवाचारों का सिलसिला सतत जारी रहे।
  2. जुलाई के महीने में आप नये छात्र-छात्राओं के नामांकन के लिए प्रयास कर रहे होंगे। समुदाय में जा रहे होंगे। इसको लेकर विभिन्न टॉरगेट को हासिल करने की दिशा में बढ़ेंगे। ज़मीनी सच्चाई के करीब रहें और नामांकन की प्रक्रिया में ठहराव के दूरगामी लक्ष्य को भी अपनी आँखों से ओझल न होने दें, क्योंकि जुलाई से सितंबर के महीने में बच्चों की उपस्थिति अच्छी होती है। इसलिए कोशिश करें कि प्रत्येक दिन थोड़ा समय बच्चों को जरूर दें। 
  3. पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का विद्यालय में स्वागत करें। उनको घर से दूर घर का असहसास दें। उनके साथ बालगीत करें और विद्यालय में सहज होने का अवसर दें। विद्यालय के बाकी बच्चों से उनकी दोस्ती हो, इसका प्रयास करें। छोटे बच्चों को बड़े बच्चों द्वारा सहयोग के अवसर पैदा करें। ऐसे बच्चों को मौखिक कहानी सुनाने और ख़ासकर उनकी स्थानीय भाषा में एक अच्छा प्रयास हो सकता है, नये बच्चों को विद्यालय के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने के लिए।
  4. नये सत्र में पुरानी मान्यताओं को नये सिरे से परखने की कोशिश करें। अपनी जिम्मेदारी वाले क्षेत्र को मजबूत बनाएं ताकि आप अपनी क्षमता के अनुसाक प्रदर्शन कर सकें। ऐसा करना आपके आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने वाला साबित होगा।
  5. नये सत्र में छोटी-छोटी बातों के लिए होने वाली बहसों व राजनीति को साफ शब्दों में न कहें। अपना फोकस बच्चों के विकास और शिक्षा विभाग की बेहतर छवि निर्माण की दिशा में रखें। ऐसा करना हालांकि मुश्किल होता है, जब बाकी लोग आपका ध्यान बंटा रहे हों, लेकिन ऐसा करना अपनी प्रतिबद्धता और पेशेवर विकास के लिए बेहद अहम है।
  6. नये शैक्षणिक सत्र 2019-20 में अपने लिए कुछ किताबें पढ़ने का लक्ष्य निर्धारित करिए। नई किताबें खरीद सकते हैं। अन्य साथियों के साथ किताबों का आदान-प्रदान करें। किताबों पर होने वाली चर्चा में प्रतिभाग करें ताकि किसी एक विषय पर अलग-अलग लोगों की राय से अवगत हो सकें और अपनी राय को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास कर सकें।
  7. शिक्षा विभाग के साथियों व बच्चों के अच्छे प्रयासों की ईमानदार तारीफ में बिल्कुल भी कंजूसी न करें। खुले मन से होने वाली तारीफ व प्रोत्साहन का हमारे काम पर सकारात्मक असर पड़ता है। इसलिए ऐसे अवसरों का सुंदर इस्तेमाल करें।
  8. बच्चों के सीखने संबंधित लक्ष्यों के संदर्भ में बच्चों का नियमित अंतराल पर आकलन करते रहें और उसके अनुसार अपने पढ़ाने के तरीके में बदलाव करते रहें। ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को सीखने की मुख्य धारा में शामिल किया जा सके। बच्चों को सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करें। उनको विभिन्न सवालों के जवाब पर खुद से खोजने व सोचने का अवसर भी दें।
  9.  नई शिक्षा नीति से जुड़े अपडेट्स लेते रहें और इस पर होने वाली चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी करें। शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर प्रकाशित होने वाले लेखों को पढ़ते रहें और अपनी प्रतिक्रिया भी साझा करें।
  10. आखिर में बतौर शिक्षक आपको सफल बनाने वाली एक टिप्स की चर्चा करते हैं, यह है डायरी लेखन। रोज़मर्रा के अनुभवों पर चिंतन करें, सोचें और उनको अपनी डायरी में दर्ज़ करें। चाहें यह किसी बच्चे की कही कोई महत्वपूर्ण बात हो या फिर किसी टॉपिक पर अचानक से सूझने वाले नये-नये विचार। विचारों के प्रवाह का सिलसिला सतत जारी रहे और संवाद की यह कोशिश दो-तरफा हो एजुकेशन मिरर की टीम यह प्रयास करती रहेगी।

एक बार फिर से आप सभी को नये शैक्षणिक सत्र 2019-20 की बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाई!

 

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