लेखक, बच्चे और लाइब्रेरियन में से किसे साहित्य की विधाओं की कैसी समझ होनी चाहिए और क्यों?
साहित्य की विधाओं के समझ की जरूरत को रेखांकित करती है यह पोस्ट।
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साहित्य की विधाओं के समझ की जरूरत को रेखांकित करती है यह पोस्ट।
लाइब्रेरी की सक्रिय मौजूदगी का बच्चों के ऊपर सकारात्मक असर होता है।
भारत में पुस्तकालय को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल। आपका सवाल क्या है?
यह कहानी उन स्कूलों की है जो लाइब्रेरी को महत्व दे रहे हैं और उसे जीवंत बना रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने के कौशल को विकसित करने व पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रीडिंग मेला का आयोजन किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थिति एक लाइब्रेरी की कहानी पढ़िए शिक्षिका ज़ैतून ज़िया के शब्दों में।
भारत के संदर्भ में पुस्तकालय की जरूरत क्यों हैं? देखिए एक विश्लेषण।
इस वीडियो में देखिए लाइब्रेरी को प्रोत्साहित करने की एक प्रेरक कहानी।
प्रोफेसर कृष्ण कुमार की नई किताब पढ़ना, ज़रा सोचना' आजकल चर्चाओं में शामिल है।
अगर बच्चों को अपनी भाषा में बोलने का मौका कक्षा में मिलता है तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।