सीखने का मामला ‘क्लासरूम’ तक कैसे सिमट गया?
सीखना क्लासरूम में ही होता है, भारत में यह विचार पश्चिमी देशों से आयात किया गया। इसका खंडन रवींद्र…
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सीखना क्लासरूम में ही होता है, भारत में यह विचार पश्चिमी देशों से आयात किया गया। इसका खंडन रवींद्र…
नई अवधारणाओं को सीखने के लिए 'पुरानी सीख' से निकलना जरूरी है।
सीबीएसई के परीक्षा परिणाम की चर्चा में गुम, दूसरे पहलू पर भी विचार-विमर्श जरूरी है।
प्रोफ़ेसर कृष्ण कमार का पूरा लेख 'कहानी कहाँ खो गई' पढ़िए इस पोस्ट में।
शिक्षण को प्रभावशाली बनाने की प्रक्रिया पढ़िए इस पोस्ट में।
भाषा शिक्षण का उद्देश्य है कि बच्चे समझकर पढना सीखें और स्वतंत्र पाठक बने।
बच्चों को शब्द को शब्द की तरह पढ़ने का अभ्यास करवाने से मदद मिलती है।
एजुकेशन मिरर की पूरी टीम की तरफ से नये शैक्षिक सत्र की शुभकामनाएं
पढ़िए यह पोस्ट और साझा करिए अपने अनुभव।
आमतौर पर यह बात सामने आती है कि 25-30 बच्चों की कक्षा में कुछ ही बच्चे सीख रहे हैं। ऐसा क्यों होता है?