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लखनऊ डायट में शिक्षकों ने लगायी प्रदर्शनी और नवाचारों की पुस्तिका ‘अभिनव’ का हुआ विमोचन

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‘बख्शी का तालाब’ ब्लॉक के खण्ड शिक्षा अधिकारी सतीश त्रिपाठी अपने ब्लॉक के एबीआरसी निष्ठा मिश्रा, एकता नारायण और शिक्षिका नन्दिनी राठौर, मोहिनी आभा, सोनिया श्रीवास्तव।

हर शिक्षक की तमन्ना होती है कि उनके काम को ग़ौर से देखा जाये। उसके बारे में दो शब्द कहें जाएं। उनके प्रयासों को रेखांकित किया जाये। बच्चों के शैक्षिक उन्नयन के लिए नवा़चारों के लिए उनको प्रोत्साहन मिले। इसके लिए उनकी तरफ से भरपूर तैयारी भी की जाती है।

19 फरवरी को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), लखनऊ के शैक्षिक मेले में कुछ ऐसा ही दृश्य दिखाई दिया। इस मौके पर नवाचारों की एक पुस्तिका ‘अभिनव’ का विमोचन बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल द्वारा किया गया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के निदेशक डॉ. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह और संयुक्त निदेशक (एसएसए) अजय सिंह भी इस शैक्षिक मेले में मौजूद रहे।

नवाचारों की पत्रिका ‘अभिनव’ का विमोचन

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शैक्षिक नवाचारों की पत्रिका अभिनव का विमोचन बेसिक शिक्षा मंत्री श्रीमति अनुपमा जायसवाल द्वारा किया गया।

डायट प्राचार्य डॉ. पवन सचान ने विभिन्न शैक्षिक उपलब्धियों के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा, ” इस पूरे कार्य को करने में बेसिक शिक्षा अधिकारी और खण्ड शिक्षा अधिकारियों का भी बहुत सहयोग मिला है। इस कार्य में अगर कुछ रह गया हो, तो उसे नजरअंदाज किया जाये। हम भी एक तरीके से नवाचार ही कर रहे हैं।”

इस शैक्षिक मेले में शिक्षकों द्वारा कठपुतली कार्यक्रम के नाम से एक स्टाल लगाई गई थी। जहाँ विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक कक्षा-कक्ष में कठपुतलियों के प्रयोग के माध्यम से शिक्षण को रोचक बनाने के बारे में बता रहे थे।

इस मौके पर कस्तूरबा गाँधी बालिका (आवासीय विद्यालय), लखनऊ की भी प्रदर्शनी लगी। यहाँ पर बने विद्यालय के डेमो को सभी दर्शक और प्रतिभागी ग़ौर से देख रहे थे।

शिक्षकों के प्रयासों को मिला प्रोत्साहन

वहां मौजूद बच्चों ने बताया कि वे सातवीं और आठवीं कक्षा में पढ़ते हैं। इस दौरान एक विज़िटर ने उन बच्चों से आठवीं की स्पेलिंग पूछने का भी प्रयास किया, जिसका बच्चों ने सही जवाब दिया। यहां मौजूद बच्चों ने बताया कि उनकी शिक्षिका सुमी श्रीवास्तव के पढ़ाने का तरीका उनको काफी अच्छा लगता है, वे अपने पाठ को बड़ लगाव के साथ पढ़ाती हैं और हर बच्चे का ध्यान रखती हैं।

उन्होंने कहा, “इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए हमने काफी तैयारी की है। हमारी यही इच्छा है कि लोग हमारे काम को देखें। बच्चों से बात करें। हमारे प्रयासों के लिए प्रोत्साहन मिले। ताकि इसमें लगने वाले समय का सार्थक उपयोग हो सके।”

शिक्षकों ने लगायी ब्लॉक की प्रदर्शनी

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इस मौके पर लखनऊ ज़िले के विभिन्न ब्लॉकों के शिक्षकों ने अपने-अपने टीएलएम और शैक्षिक नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई। इसका अवलोकन लखनऊ मण्डल के आयुक्त अनिल गर्ग ने किया। उन्होंने शिक्षकों के नवाचारों और प्रयासों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे ऐसे प्रयास जारी रखें। नवाचारों की पुस्तिका ‘अभिनव’ में नन्दिनी राठौर के नवाचार को पहले स्थान पर शामिल किया। ऐसे 41 नवाचारों को ‘अभिनव’ का हिस्सा बनाया गया।

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