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Articles by educationmirrors

‘साइंस Vs सोशल साइंसः दुनिया में ज्ञान खोजिए, ज्ञान को बाइनरी में मत झोंकिए’-जे. सुशील

जे. सुशील लिखते हैं, "असल में साइंस और सोशल साइंस अलग चीज़ें हैं ही नहीं। इसे बाइनरी में बनाकर लोगों को सोचने से रोका गया है और कुछ नहीं।" [...]

‘बच्चों ने एक-दूसरे को उनके बिगड़े नामों से बुलाना छोड़ दिया’ – शिरीष खरे

स्कूलों में कई बार कुछ बच्चे एक-दूसरे को उनके असली नामों से शिरीष खरे लिखते हैं, "बुलाने की बजाय बिगड़े नामों से बुलाते हैं. कई बार कुछ बच्चे दूसरे बच्चों को गलत नामों से चिढ़ाते भी हैं." [...]

वेबिनारः ऑनलाइन शिक्षा ‘विशेषण’ के रूप में ठीक, संज्ञा’ के रूप में खतरनाक – कृष्ण कुमार

भारत के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के अनुभवों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए। [...]

जे. सुशीलः अमेरिका की तरह भारत में शिक्षा का निजीकरण क्यों नहीं होना चाहिए?

भारत में शिक्षा के निजीकरण वाले तर्क की 4 सबसे बड़ी कमजोरियां क्या हैं? बता रहे जे. सुशील इस लेख में। पढ़िए और साझा करिए अपनी राय। [...]

बच्चों की दुनियाः शहरों से अपने घरों की तरफ पैदल लौटते मजदूरों को देखकर उठते सवाल क्या हैं?

हमारा देश भारत आज़ादी के 70 सालों बाद सबसे बड़े पलायन का सामना कर रहा है। पढ़िए रिया की लिखी टिप्पणी। [...]