Trending

Articles by Virjesh Singh

कक्षा अनुभव: जब एक बच्चे ने कहा, “काश ! मैं भी लड़की होता”

अरविन्द कुमार सिंह लिखते हैं कि यदि किसी कक्षा को कुछ दिन पढ़ाएंगे तो आपको स्वयं ही पता चल जाता है कि किस बच्चे को सीखने में कहाँ कठिनाई आ रही है। ऐसे में अलग से मूल्यांकन की आवश्यकता नहीं पड़ती है। [...]

चर्चा में: ‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ खत्म होने पर क्या सोच रहे हैं शिक्षक?

जो शिक्षक वास्तव में बच्चों के साथ कक्षा में कार्य करते हैं वे यही चाहते हैं कि उनके सभी बच्चे उत्तीर्ण हों। लेकिन बच्चों में परीक्षा का डर न हो तो पढ़ने वाले न पढ़ने वाले बच्चों की स्थिति एक जैसी हो जाती है। [...]

‘नो डिटेंशन पॉलिसी’ खत्म: जानिए बच्चों पर इसका क्या असर होगा?

शिक्षा का अधिकार कानून बच्चों को आठ वर्ष की प्रारंभिक शिक्षा स्कूल में हासिल करने का अधिकार देता है। क्या 'नो डिटेंशन पॉलिसी' खत्म होने से पास-फेल का ठप्पा लगाने वाले दिनों की वापसी हो रही है? [...]

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2024: ‘बहुभाषी शिक्षा को मिले प्रोत्साहन’

इस वर्ष 2024 के अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की थीम है "बहुभाषी शिक्षा को प्रोत्साहन: आपसी समन्वय और शांति के लिए साक्षरता"। [...]

बच्चों को समझ के साथ पढ़ना सिखाने के लिए ‘टीचिंग प्रेक्टिस’ में क्या बदलाव करें?

जय शेखर उत्तर प्रदेश के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में काम कर रहे हैं। भाषा शिक्षण के काम को रोचक बनाने, बच्चों को मौलिक लेखन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सतत प्रयासरत हैं। पढ़िए उनके अनुभव। [...]